लोहड़ी का त्यौहार सिर्फ पंजाब ही नही बल्कि पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। साल का ये पहला त्योहार माना जाता है इसके अगले ही दिन हिंदू धर्म के सबसे बड़ा दिन यानी मकर संक्रांति होती है। जिससे इस त्योहार की मान्यता और भी बढ़ जाती है। हालांकि लोहड़ी को लेकर कई दंत कथाएं है लेकिन आज हम आपको बता जा रहे इससे जुड़े कुछ अनसुने किस्से ।

क्यों मनाई जाती है लोहड़ी
लोहड़ी को लेकर कई तरह की मान्यताएं है। हिंदू मान्यता अनुसार इस दिन सती माता द्वारा किए गए त्याग और समर्पण के लिए जाना जाता है।


इसी के साथ यह भी मान्यता है कि सुंदरी एवं मुंदरी नाम की लड़कियों को राजा से बचाकर एक दुल्ला भट्टी नामक डाकू ने किसी अच्छे लड़कों से उनकी शा‍दी करवा दी थी।
जिसके बाद इसको मनाने का चलन शुरू हुआ।

कैसे मनाते है लोहड़ी
लोहड़ी की संध्या को लोग लकड़ी जलाकर अग्नि के चारों ओर चक्कर काटते हुए नाचते-गाते हैं और आग में रेवड़ी, मूंगफली, खील, मक्की के दानों की आहुति देते हैं। इस त्योहार में मूंगफली, खील का खास महत्व माना जाता है। लोग लोकगीत गाकर इस त्योहार को मनाते है। खुशियों के इस पर्व में लोग शादी या बच्चे के जन्म की खुशी में घर – घर जाकर लोहड़ी बांटते है।


आज के समय में लोहड़ी को शादी की तरह मनाया जाता है। धूमधाम से गाने लगा कर नए कपड़े पहन लोग नाचते गाते है। इसके लिए अब पैलेस यहां तक कि होटल रेस्तरां की बुकिंग्स भी की जाती है।


शुभ मुहूर्त

देश भर में लोहड़ी का त्योहार बुधवार के दिन 13 जनवरी को मनाया जाएगा। वहीं लोहड़ी संक्रांति का समय 14 जनवरी की सुबह 08:29 का होगा।

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